• For Ad Booking:
  • +91 9818373200, 9810522380
  •  
  • Email Us:
  • news@tbcgzb.com
  •  
  • Download e-paper
  •  
  •  

आयकर विभाग ने 30 सितंबर तक दी करदातााओं को छूट

Posted on 2020-07-14

नई दिल्ली: आयकर विभाग ने उन करदाताओं को छूट दी है जिन्होंने आकलन वर्ष 2015-16 से 2019-20 के लिये इलेक्ट्रॉनिक रूप से फाइल किये गये कर रिटर्न का अबतक सत्यापन नहीं किया है। विभाग ने 30 सितंबर 2020 तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।

ये है नियम
कोई करदाता बिना डिजिटल हस्ताक्षर के अगर आयकर रिटर्न इलेक्ट्रॉनिक रूप से भरता है, उसे उसका सत्यापन आधार वन टाइप पासवर्ड या ई-फाइलिंग खाते पर नेट बैंकिंग के जरिये अथवा इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड (ईवीसी) या आईटीआर-5 के फॉर्म पर हस्ताक्षर कर उसे सीपीसी बंगलूरू भेजना होता है। उसे यह सब आईटीआर अपलोड होने के 120 दिनों के भीतर करना होता है।
बड़ी संख्या में लंबित पड़े हैं आईटीआर
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक आदेश में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक रूप से भरे गये बड़ी संख्या में आईटीआर (आकर रिटर्न) अभी भी लंबित पड़े हैं। इसका कारण आईटीआर-5 (सत्यापन) फॉर्म संबंधित करदाताओं द्वारा सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) बंगलूरू नहीं भेजना है।

सत्यापन नहीं करने पर होगा नुकसाम
आदेश के अनुसार समय पर आईटीआर-5 नहीं जमा करने से रिटर्न को श्नहीं भरा हुआश् यानी अवैध घोषित कर दिया जाता है। इससे जुड़ी शिकायतों का एकबारगी समाधान के इरादे से सीबीटीडी ने आकलन वर्ष 2015-16, 2016-17, 2018-19 और 2019-20 के लिये इलेक्ट्रॉनिक रूप से फाइल किये गये कर रिटर्न के सत्यापन की अनुमति दी है। इसके तहत या तो आईटी-5 फॉर्म पर दस्तखत कर उसे सीपीसी बंगलूरू भेजना होगा या फिर ईवीसीध्ओटीपी के जरिये इसका सत्यापन किया जा सकता है।


इन मामलों में नहीं मिलेगी छूट

इस प्रकार के सत्यापन को 30 सितंबर 2020 तक पूरा किया जाना जरूरी है। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह छूट उन मामलों में लागू नहीं होगी, जिसमें इस दौरान आयकर विभाग ने रिटर्न को

Tirupati Eye

  • World Cancer Day 4th February 2021


  • Wishing you 72nd Republic Day


  • Netaji Subhas Chandra Bose Jayanti 23-Jan-2021


  • Happy makar sankranti


  • HAPPY LOHRI & MAKARSANKRANTI

Thoda hans lo

वर्मा जी एक कड़क ऑफिसर हैं!
स्टाफ अगर लेट आए तो उनको बिलकुल बर्दाश्त नहीं