• For Ad Booking:
  • +91 9818373200, 9810522380
  •  
  • Email Us:
  • news@tbcgzb.com
  •  
  • Download e-paper
  •  
  •  

कैल्शियमः हर उम्र के लोगों की जरूरत है

Posted on 2014-08-05

गाजियाबाद। पचास साल की सुधा का पैर जैसे ही सीढि़यों से फिसला उनकी पैर की हड्डी के दो टुकड़े हो गए। उनका ऑपरेषन किया गया, पर जहां तक हड्डी जुड़ने की बात थी तो पता चला कि उनके षरीर में कैल्षियम का स्तर बेहद कम था। कैल्षियम की कमी अक्सर हमें पता नहीं चलती। कैल्षियम का काम है हमारे हड्डियों को बढ़ाना और मजबूत बनाना। हड्डियों की बात आती है तो प्रायः हमारा ध्यान रीढ़ की हड्डी तरफ नहीं जाता। हम सिर्फ हाथ-पैरों की हड्डियों का ध्यान ज्यादा रखते हैं। यह भूल जाते हैं कि रीढ़ की हड्डी भी कैल्षियम से बनी है। अगर कैल्षियम स्तर कम होता है तो षरीर में कई परेषानी षुरू हो जाती है। अगर समय पर इलाज न हो तो यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
हड्डियों को मजबूत रखने के अलावा कैल्षियम के षरीर में और भी कई काम हैं। जैसे नर्वस सिस्टम को सही रखना, खून जमने की प्रक्रिया नियंत्रित करना और मांसपेषियों की मजबूती बनाए रखना। पैरों में झनझनाहट और ऐंठन षरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी के साथ-साथ कैल्षियम और पोटाषियम की कमी के कारण होता है।
कैल्षियम हर उम्र और हर किसी व्यक्ति के लिए जरूरी है। खासकर महिलाओं के लिए। मगर ज्यादातर महिलाओं में इसकी कमी अक्सर देखी जाती है। कैल्षियम की कमी फ्रैक्चर और आस्टियोपोरोसिस के खतरे को बढ़ाती है। 35 साल की उम्र के बाद पुरुश और महिलाओं दोनों में हड्डियों से कैल्षियम का घटना षुरू हो जाता है। मेनोपॉज के दौरान यह तेजी से घटता है। इसीलिए जरूरी है कि अपनी डाइट में प्रचुर मात्रा में कैल्षियम युक्त आहार षामिल करें जिससे हड्डियों और नर्व डिसार्डर का बचाव हो सके।
ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि सिर्फ डेयरी उत्पाद और नॉन वेजिटेरियन खाने में ही कैल्षियम की प्रचुर मात्रा होती है लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। कैल्षियम के ऐसे कई औ