• For Ad Booking:
  • +91 9818373200, 9810522380
  •  
  • Email Us:
  • news@tbcgzb.com
  •  
  • Download e-paper
  •  
  •  

एडवेंचर से भरपूर चकराता आकर कम बजट में भी कर सकते हैं 2 से 3 दिन जमकर मस्ती

Posted on 2019-06-10

यह एक छोटे और सुंदर पहाड़ी नगर के रूप में नजर आता है। रोजमर्रा की जिंदगी और महानगरों के शोर से दूर कुछ पल शांति से बिताने वालों के लिए यह ठिकाना खास है। वैसे, यदि आप कुदरती खूबसूरती के साथ-साथ कुछ रोमांचक खेलों के लिए भी ऐसी किसी जगह की तलाश में हैं तो जौनसार बावर का यह इलाका यानी चकराता माकूल लगेगा। कैंपिंग करनी हो या राफ्टिंग या फिर ट्रेकिंग, यहां हर चीज की सुविधा मिलेगी। रैपलिंग, रॉक क्लाइंबिंग का विचार हो, तो इनके लिए भी परफेक्ट जगह है यह। आनंद का फुल पैकेज मिलता है यहां। इस जगह पर ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सामाजिक और सांस्कृतिक वैभव बिखरा हुआ है। यहां आते ही आप कह उठेंगे कि यही तो है हमारे ख्वाबों की दुनिया!

जौनसार-बावर के पारंपरिक घर

यमुना, टोंस व पावर नदी के बीच बसे जौनसार-बावर का इलाका 463 वर्ग मील में फैला हुआ है। जमना (यमुना) नदी के पार होने के कारण यह क्षेत्र जमना पार का इलाका कहलाता है जो बाद में जौनसार नाम से प्रचलित हो गया। उत्तर दिशा वाले क्षेत्र को पावर नदी के कारण बावर कहा जाने लगा। इसके पूर्व में यमुना नदी, उत्तर दिशा में उत्तरकाशी व हिमाचल का कुछ क्षेत्र, पश्चिम में टोंस नदी और दक्षिण में पछवादून-विकासनगर क्षेत्र पड़ता है और इसी क्षेत्र में बसा है चकराता नामक छावनी क्षेत्र भी। जौनसार-बावर आएं तो आपको यहां के पारंपरिक मकान चकित करेंगे, जो कि आम मकानों से बेहद अलग होते हैं। पत्थर और लकड़ी से बने ये मकान पगोड़ा शैली में बने हैं। इन मकानों की ढलावदार छत पहाड़ी स्लेटी पत्थर की बनी होती हैं। दो, तीन या चार मंजिल वाले इन मकानों की हर मंजिल पर एक से चार कमरे बने होते हैं। सर्दी में ये मकान सर्द नहीं होते हैं। एक और खास बात। इन मकानों के निर्माण में ज्यादातर देवदार की लकड़ी का इस्तेमाल होता है। उस पर क

Tirupati Eye

  • National Doctors Day 2020: ये हैं धरती के भगवान, नौकरी और रिटायरमेंट के बाद भी निभा रहे हैं फर्ज भगवान के बाद धरती पर अगर किसी को भगवान का दर्जा दिया जाता है तो वह हैं डॉक्टर। जिनमें बहुत से ऐसे भी हैं जो न केवल अ


  • यूपी बॉर्डर पर फंसे करीब 5000 मजदूर, गर्भवती महिलाएं और बच्चे भूख से बेहाल कोरोना वायरस के कारण देश में लॉकडाउन लागू है. लॉकडाउन से सबसे ज्यादा परेशनी गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को उठानी पड़ रही


  • ट्रंप की नई इमिग्रेशन नीति को लेकर भारत सतर्क, नीति के ऐलान का किया जा रहा है इंतजार जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगर अपने वादे के मुताबिक नौकरी की तलाश में अमेरिका आने व


  • नहाय-खाय से शुरू हुआ आस्था का महापर्व चैती छठ, जानें मुहूर्त, पूजा विधि एवं महत्व हिंदी पंचांग अनुसार, चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की षष्ठी को चैती छठ मनाई जाती है। इस साल 28 मार्च से 31मार्च के बीच च


  • आतंकवाद को खत्‍म करने के लिए पीएम मोदी बहुत सशक्‍त: ट्रंप अगले 50 से 100 वर्षों में प्रमुख खिलाड़ी बनने जा रहा है भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि भारत अगले 50 से 100 वर्षों में प्रम

संता और बंता दोनों भाई एक

संता और बंता दोनों भाई एक
ही क्लास में पढ़ते थे।

अध्यापिका: तुम