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कोरोना वायरस से बचना है तो बिना हाथ धोए न छुए चेहरे को: डाॅ.संदीप नय्यर

Posted on 2020-05-07

- बीएलके हाॅस्पिटल, आरएचएएम, भार्गव सभा, रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद ग्रीन द्वारा किया गया वेबिनार का आयोजन

-वेबिनार में कोरोना वायरस व उससे बचाव के बारे में किया गया जागरूक

गाजियाबाद: कोरोना वायरस से बचने के लिए अब तक कोई कारगर दवा का निर्माण नहीं हो सका है, ऐसे में इससे बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। यदि कोरोना वायरस से बचना है तो अपने चेहरे को बार-बार न छूए, यदि छूना पड़े तो हाथ धोकर ही चेहरे को छुए। चेहरे पर मास्क लगाकर रखे। क्योंकि कोविड-19 वायरस मुंह व नाक के जरिये ही हमारे शरीर में प्रवेश करता है। यदि हम बाहार से कुछ भी चीज लेकर घर या आफिस आते है या अखबार पढ़ते है या अन्य कोई कार्य करते है तो उसके बाद हाथों को जरूर साफ करें। यदि हम गंदे हाथों से चेहरे को छूते है तो हमें कोरोना संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है। लोगों से दूरी बनाकर रखें, मेला या शाॅपिंग माॅल में न जाए, बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर न जाने दें। यदि आपको कुछ लक्षण दिखाई दे तो जांच जरूर कराए। ताकि हम दूसरों को भी संक्रमित होने से बचा सके। ये बातें बुधवार को आरएचएएम (रोटरी हेल्थ अवेयरनेस मिशन), भार्गव सभा, रोटरी क्लब ऑफ गाजियाबाद ग्रीन व बीएलके सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल नई दिल्ली द्वारा आयोजित वेबिनार में बीएलके हाॅस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर डाॅ. संदीप नय्यर ने कही। उन्होंने लाॅकडाउन को अच्छा कदम बताया और कहा कि यदि लाॅकडाउन नहीं होता तो भारत में भी अमेरिका जैसे बदतर हालात होते। उन्होंने सभी से अपील की कि वे सेनिटाइजर लगाकर आग के पास न जाए, क्योंकि इसमें एलकोहल होता है जिससे आग लगने के ज्यादा चांस होते है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 वायरस खांसने के बाद हवा में तीन घंटे तक जीवित रह सकता है। जबकि सार्स कोविड-19 वायरस गत्ते पर 24 घंटे, प्लास्टिक और स्टील पर 48 से 72 घंटे, तांबे पर 3 घंटे तक जिंदा रह सकता है। इसलिए मास्क का प्रयोग जरूर करें और चेहरे को छूने से बचे।

बीएलके सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल पूसा रोड़ नई दिल्ली के सीनियर डायरेक्टर डा.संदीप नय्यर ने बताया कि कोरोना वायरस तीन तरह के है इसमें एमईआरएस कोरोना वायरस, एमएआरएस कोरोना वायरस-2 तथा नोवल कोरोना वायरस। मिडिल ईस्ट श्वसन सिंड्रोम (एमईआरएस) कोरोनावायरस की वजह से होने वाला वायरस श्वसन रोग है। कोरोनावायरस के तीन मुख्य उपसमूह अल्फा, बीटा और गामा हैं। मिडिल ईस्ट श्वसन लक्षण कोरोनावायरस (एमईआरएस-कोरोना वायरस) बीटा कोरोनावायरस है। इससे संक्रमित व्यक्ति गंभीर श्वसन बीमारियों से पीड़ित हो सकते हैं, जिनमें बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ और सांस लेने में कठिनाई शामिल है। एमईआरएस के मरीज को निमोनिया और गुर्दा खत्म होने जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। यह एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। वहीं, कोविड-19 का पूरा नाम कोरोनावायरस डिसीस है। यह बीमारी वर्ष 2019 में फैली थी इसलिए इसे कोरोना वायरस डिसीस 2019 नाम दिया गया। इसे संक्षेप में कोविड-19 नाम दिया गया। कोविड-19 उस महामारी का नाम है जो एसएआरएस-कोरोना वायरस-2 से होती है। वहीं नोवल कोरोना वायरस का मतलब है कि यह नया वायरस है। पहले यह इंसान में नहीं पाया गया है। इसका मतलब है कि यह उन कोरोना वायरसों से अलग है जिसकी वजह से आम सर्दी जुकाम की समस्या होती है और यह 2002 के सार्स एवं 2012 के मर्स वायरस से भी अलग है। सार्स और मर्स की तरह ही नोवल कोरोना वायरस भी जूनोटिक बीमारी है। जूनोटिक बीमारी वैसी बीमारी होती है जो जानवर में होती है और जानवर से इंसान में फैलती है।

डा. नय्यर ने बताया कि डायबिटीज, कैंसर, पैरालिसिस आदि रोगी को अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। यह कोरोना वायरस कैसे फैला इस बारे में अभी तक किसी को नहीं पता है। इसलिए जहां तक हो एन-95, घर के बने या ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क पहने। लोगों से शारीरिक दूरी बनाकर रखें। यदि किसी को कोरोना हो जाता है तो वह कहां-कहां गया, किस-किस से मिला सभी जांच के दायरे में आ जाते है। ऐसे में कोरनटाइन रहे, लोगों से मिलना जुलना बंद कर दें। यदि लक्षण नहीं है तो ठीक, नही ंतो जांच करानी पड़ेगी। इस दौरान कई रोटेरियन ने भी डाक्टर से सवाल-जवाब किए।

रोटरी हेल्थ अवेयरनेस मिशन के चेयरमैन डाॅ.धीरज भार्गव ने डाॅ.संदीप नय्यर से पूछा कि प्राइवेट आफिस में 33 प्रतिशत स्टाॅफ रखने पर हमें क्या-क्या सावधानियां बरती चाहिए। इस पर डाॅ. नय्यर ने बताया कि कर्मचारी को सेनिटाइज करें, यदि ऑफिस में पंचिंग लगाई जाती है तो उसे मेनुअल करें, लिफ्ट का प्रयोग होता है तो वहां सैनिटाइजर जरूर रखे। जिससे बटन दबाने पर दूसरे तक रोग न पहुंचे। स्टाॅफ को मास्क जरूर लगवाएं। क्योंकि यदि कोई कर्मचारी खांसता है तो उसके मुंह से निकले 1 से 15 माइक्रोमीटर साइज के ड्रापलेट हवा में कई घंटों तक जिंदा रहते है।

रोटेरियन अशोक अग्रवाल ने डाक्टर से पूछा कि यदि किसी में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे फिर भी वह कोरोना पाॅजिटिव निकल रहा है ऐसा क्यों। इस बारे में डाक्टर ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आया है तो उसे कोरोना होने में 14 दिन तक लग सकते है। इसलिए उसमें लक्षण न दिखाई देने के बावजूद उसमें कोरोना हो सकता है। इसके लिए कोरोना की चेन को तोड़े, अपनी सुरक्षा करें, फेस को टच न करें, मास्क पहनें। ऐसा करके ही हम कोरोना वायरस से बच सकते है।

रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली सफायर के अरूण गुप्ता ने डाक्टर से पूछा कि क्या प्लाजा थैरेपी से इलाज संभव है। इस पर डाक्टर नय्यर ने बताया कि प्लाजमा थैरेपी दिल्ली में कुछ मरीजों पर इस्तेमाल की गई है। लेकिन यह कितनी कारगर है इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि यदि प्लाजमा थैरेपी करते है तो उससे मरीज के शरीर के अन्य हिस्से पर कोई प्रभाव तो नहीं पड़ा यह भी देखना पड़ता है जैसे यदि कोई वैक्सीन तैयार की जाती है तो दो-तीन महीने उसकी टेस्टिंग चलती है कि इसके लगने से मरीज के शरीर के लीवर, किडनी या अन्य हिस्से को तो नुकसान नहीं हुआ। यदि वह शरीर के किसी भी हिस्से को नुकसान नहीं पहुंचाती तभी वह प्रयोग में लाई जाती है।

वहीं रोटेरियन श्रीकांत शर्मा ने पूछा कि क्या अखबार सुरक्षित है। इस बारे में डाक्टर ने बताया कि अखबार सुरक्षित है लेकिन हमें भी जागरूक होने की जरूर है जब भी अखबार पढ़े तो चेहरे को न छुए और अखबार पढ़ने के बाद हाथ जरूर धोएं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 वायरस खांसने के बाद हवा में तीन घंटे तक जीवित रह सकता है। जबकि सार्स कोविड-19 वायरस गत्ते पर 24 घंटे, प्लास्टिक और स्टील पर 48 से 72 घंटे, तांबे पर 3 घंटे तक जिंदा रह सकता है। डाक्टर ने श्रीकांत शर्मा को कहा कि वैसे तो कोरोना के कारण हमारी कई आदतों में सुधार हुआ है। लोग साफ-सफाई के प्रति जागरूक हो गए है। टीबी जैसी कई बीमारियां भी कम हो गई है।

इस दौरान सुशील चंदक, पुनीत, रोटरी क्लब सोनीपत वीरेंद्र पाल सहगल, संजय कुमार, गाजियाबाद हैरिटेज से रवींद्र सिंह, राकेश कुमार आदि ने भी डाक्टर से सवाल-जवाब किए।

वेबिनार में शहजाद मिर्जा, अमित मिधा, आनंद, अरूण गुप्ता, आशी मित्तल, अवलोक, डा.धीरज कुमार भार्गव, केएल डोरा, किरण मक्कड, एमएल बंसल, एमएन हेमराजानी, निशा, प्रकाश सेठ, राहुल भार्गव, राकेश कुमार, रो.रवींद्र सिंह, सचिन शर्मा, संदीप, संदीप मिगलानी, शैली, श्रेष्ठ नैययर, उमेश साहनी, विजयपाल सिंह, वीरेंद्र पाल सिंघल, मंजू कात्याल आदि शामिल रहे।

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