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रोटरी हेल्थ अवेयरनेस मिशन व रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली ईस्ट एंड ने तंबाकू पर किया लोगों को जागरूक

Posted on 2019-05-31

गाजियाबाद: विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शुक्रवार को रोटरी हेल्थ अवेयरनेस मिशन व रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली ईस्ट एंड ने एनएच-9 स्थित गुरूकुल द स्कूल में तंबाकू पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें तंबाकू खाने से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के बारे में लोगों को बताया गया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने शपथ ली कि वे अब तंबाकू नहीं खाएंगे। इसके साथ ही रेखा डेंटल क्लीनिक द्वारा निशुल्क दंत चिकित्सा शिविर लगाया गया। जिसमें 150 लोगों ने दांतों की जांच कराई। 

इस दौरान मैक्स अस्पताल की डा.राशि अग्रवाल ने लोगों को तंबाकू से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि तंबाकू एक धीमा जहर है जो धीरे-धीरे व्यक्ति को मौत के मुंह तक ले जाता है। इससे मुंह का कैंसर से लेकर बाॅडी में अन्य बीमारियां अपना घर कर लेती है। सभी व्यक्ति इस बात को जानते है लेकिन फिर भी लोग इसे छोड़ते नहीं। तंबाकू खाने वाले धीरे-धीरे मौत को अपने करीब बुला रहे है। इस लत को जितनी जल्दी छोड़ दिया जाए उतना ही अच्छा है। 

रोटरी हेल्थ अवेयरनेस मिशन के चेयडा.धीरज भार्गव ने कहा कि तंबाकू में करीब 28 तरह के कार्सिनोजेनिक तत्व होते हैं जिनसे कैंसर हो सकता है। इनमें निकोटीन तथा कार्बन मोनोऑक्साइड गैस प्रमुख हैं। धुएं से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जहरीली होने के साथ-साथ शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देती है, जिससे शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग जैसे कि दिमाग, हृदय, फेफड़े ठीक तरह से कार्य नही कर पाते। निकोटीन रक्तचाप को बढ़ाता है जिससे दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती हैं। इन दोनों के अलावा तंबाकू में कैंसर उत्पन्न करने वाले अनेक तत्व तथा रसायन जैसे की टार, मार्श गैस, अमोनिया, कोलोडान, पापरीडिन, फॉस्फोरल प्रोटिक अम्ल, परफैरोल, ऐजालिन सायनोजोन, कोर्बोलिक ऐसिड, बेनजीन इत्यादि पाये जाते हैं। कैंसर होने के कारणों में सबसे बड़ा योगदान तम्बाकू का ही होता हैं। तम्बाकू के सेवन से अनेक प्रकार के होने वाले रोगों में कैंसर प्रमुख हैं। इससे फेफड़े, मुंह, गले अथवा श्वसन नली का कैंसर हो सकता हैं। इसके अलावा पेट का कैंसर, किडनी तथा पैंक्रियाज में होने वाले कैंसर, ब्लैडर और मूत्राशय संबंधी रोगों में भी तंबाकू महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।

वहीं इंडियन डेंटल एसोसिएशन के डा.गौरव ने कहा कि तंबाकू में पाए जाने वाले फोस्फोरल प्रोटिक एसिड के कारण टीबी रोग तथा परफैरोल के कारण दांत पीले, मैले और कमजोर हो जाते हैं। तंबाकू से होने वाले ल्यूकोप्लाकिया रोग के कारण दांत और मसूड़े सड़ने लगते हैं। 

इस दौरान रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली ईस्ट एंड के अध्यक्ष रोटेरियन दयानंद शर्मा, सैकेटरी रो.अनिल छाबड़ा, दिल्ली लिगेसी के अध्यक्ष रो.मनीष गुप्ता, गाजियाबाद सेंट्रल की अध्यक्ष रीना अग्रवाल, सैकेटरी निशा गुप्ता, आरएचएएम के चेयर डा.धीरज कुमार भार्गव, रो.प्रेम माहेश्वरी, रो.संदीप मिगलानी, रो.राजेश मिश्रा, रो.डा.अजय कुमार, रो.अंशुल जैन, रो.प्रियातोष गुप्ता के अलावा इंडियन डेंटल एसोसिएशन से डा.पुलकित अरोरा, डा.चेतन कुमार, रेखा डेंटल क्लीनिक से डा.राहुल कुकरेजा, मैक्स अस्पताल से डा.राशि अग्रवाल, ओनकाॅलोजी वरूण शर्मा तथा गुरूकुल द स्कूल के प्रधानाचार्य डा.गौरव बेदी आदि मौजूद थे।

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