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जब मक्का की तरफ पैर कर लेट गए थे गुरु नानक, फिर हुआ कुछ ऐसा


2019-11-11

गुरु नानक देव की 550वीं जयंती मनाने की तैयारियों जोरों पर हैं. देश के सभी छोटे-बड़े गुरुद्वारों में गुरु नानक की जयंती पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी. क्या आप जानते हैं गुरु नानक के जीवन परिचय में उनकी मक्का मदीना यात्रा का भी उल्लेख मिलता है. इस यात्रा के दौरान नानक साहिब से जुड़ी घटना ने इस्लाम धर्म के अनुयाइयों को बड़ी शिक्षा दी थी. गुरु नानक देव ने अपने शिष्य मरदाना के साथ करीब 28 वर्षों में दो उपमहाद्वीपों में पांच प्रमुख पैदल यात्राएं की थीं. जिन्हें उदासी कहा जाता है. इन 28 हजार किलोमीटर लंबी यात्राओं में गुरु नानक ने करीब 60 शहरों का भ्रमण किया. अपनी चौथी उदासी में गुरु नानक ने मक्का की यात्रा की. उन्होंने हाजी का भेष धारण किया और अपने शिष्यों के साथ मक्का पहुंच गए. कई हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के कई तीर्थस्थलों की यात्रा करने के बाद नानक ने मक्का की यात्रा की थी. गुरु नानक की मक्का यात्रा का विवरण कई ग्रन्थों और ऐतिहासिक किताबों में मिलता है. बाबा नानक शाह फकीर में हाजी ताजुद्दीन नक्शबन्दी ने लिखा है कि वह गुरु नानक से हज यात्रा के दौरान ईरान में मिले थे. जैन-उ-लबदीन की लिखी तारीख अरब ख्वाजा में भी गुरु नानक की मक्का यात्रा का जिक्र किया है. जैन-उ-लबदीन ने नानक और रुकुद्दीन के बीच संवाद का उल्लेख भी किया है. हिस्ट्री ऑफ पंजाब, हिस्ट्री ऑफ सिख, वारभाई गुरदास और सौ साखी, जन्मसाखी में भी नानक की मक्का यात्रा का जिक्र किया गया है. गुरु नानक जी के एक शिष्य का नाम मरदाना था. वह मुस्लिम था. मरदाना ने गुरु नानक से कहा कि उसे मक्का जाना है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जब तक एक मुसलमान मक्का नहीं जाता तब तक वह सच्चा मुसलमान नहीं कहलाता है. गुरु नानक ने यह बात सुनी तो वह उसे साथ लेकर मक्का के लिए निकल पड़े. गुरु जी मक्का पहुंचे तो वह थक गए थ

क्या ओरछा में व‍िराज‍मान हैं अयोध्या के श्रीराम? क्या कहता है इत‍िहास


2019-11-07

अयोध्या और ओरछा का गहरा नाता है. जहां अयोध्या में रामलला की बाल लीलाओं की जीवंत स्मृतियां है तो वहीं ओरछा में श्री राम राजा के रूप में विराजते हैं. चार पहर की आरती में राजसी वैभव के साथ उन्हें पहरे पर खड़े सिपाही सशस्त्र सलामी देते हैं. राम यहां के जनजीवन की सांसों में धड़कते हैं. अयोध्या और ओरछा का करीब 600 वर्ष पुराना नाता है. 16वीं शताब्दी में ओरछा के बुंदेला शासक मधुकरशाह की महारानी कुंवरि गणेश अयोध्या से रामलला को ओरछा लाई थी. यहां के बुंदेला शासक मधुकर शाह की महारानी कुंवरि गणेश ने ही श्री राम को अयोध्या से ओरछा लाकर विराजित किया था. यह महज एक धार्मिक कथा नहीं, यह तार जुड़ती है उन सवालों से जो समय-समय पर अखबारों की सुर्खियां बनीं. उन संभावनाओं से जिनमें कहा गया कहीं अयोध्या की राम जन्म भूमि की असली मूर्ति ओरछा के रामराजा मंदिर में विराजमान तो नहीं?

छठ पूजा का इतिहास, महत्व और खरना के लिए खीर की रेसिपी


2019-11-01

नई दिल्ली: दिवाल के पर्व के समापन के साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ शुरू हो रहा है. छठ की तैयारियां जोरों पर हैं. छठ पर्व की शुरुआत के साथ ही साथ गलियों में छठ के गीत, छठ सोंगी बजने लगते हैं. छठ मैया के गीत जब कानों में पड़ते हैं तो यकीनन हर किसी के दिल में जमगम दीप और श्रृद्धा भाव आता होगा. बिहार राज्य में बड़े पैमाने पर मनाया जाने वाला महापर्व छठ 31 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. छठ पूजा को नहाय-खाए भी कहा जाता है. इसके साथ ही साथ छठ को खरना या लोहंडा भी कहा जाता है. गरुवार से शुरू होने वाले महापर्व छठ में सूर्य को सुबह और शाम को अर्घ्य दिया जाएगा. यह 3 नवंबर तक चलेगा. कब है छठ पूजा छठ महापर्व की तिथि 31 अक्तूबर, गुरुवार: नहाय-खाय 1 नवंबर, शुक्रवार : खरना 2 नवंबर, शनिवार: डूबते सूर्य को अर्घ्य 3 नवंबर, रविवार : उगते सूर्य को अर्घ्य और पारण छठ पर्व कब मानाया जात है अगर आप सोच रहे हैं कि छठ पर्व कब मनाया जाता है तो आपको बता दें कि कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से सप्तमी तक चार दिन इस पर्व को मनाया जाता है. छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती है. जो इस साल 31 अक्टूबर को पड़ रहा है. इसके बाद दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन सूर्य षष्ठी का मुख्य पर्व होता है. इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. सूर्य षष्ठी के बाद उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है. जो इस पर्व का अंतिम दिन होता है. इसी दिन पारण किया जाता है. छठ पूजा सिर्फ बिहार में ही नहीं पूरे भारत में मनाया जाता है. छठ पूजा या नहाय-खाय सूर्य देव की उपासना का सबसे प्रसिद्ध हिंदू त्‍योहार है. इस त्‍योहार को षष्ठी तिथि पर मनाया जाता है, जिस कारण इसे सूर्य षष्ठी व्रत या छठ कहा गया है. छठी मईया के इस पर्व को साल में दो बार मनाया जाता है. पहली बार चैत्र महीने में और दूसरी बार कार्तिक महीने में. हिन्दू पंचांग के अनुसार छठ चैत्र शुक्ल

क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली? जानें क्या है इस दिन दीपक जलाने का महत्व


2019-10-25

दिवाली के त्योहार से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाई जाती है. छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है. इस दिन घरों में यमराज की पूजा की जाती है. छोटी दिवाली पर शाम के वक्त घर में दीपक लेकर घूमने के बाद उसे बाहर कहीं रख दिया जाता है. इस यम का दीपक कहते हैं. इस दिन कुल 12 दीपक जलाए जाते हैं. ऐसा कहते हैं कि यमराज के लिए तेल का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु भी टल जाती है. छोटी दिवाली सौन्दर्य प्राप्ति और आयु प्राप्ति का दिन भी माना जाता है. इस दिन आयु के देवता यमराज और सौन्दर्य के प्रतीक शुक्र की उपासना की जाती है. इस दिन श्रीकृष्ण की उपासना भी की जाती है क्योंकि इसी दिन उन्होंने नरकासुर का वध किया था. कहीं कहीं पर ये भी माना जाता है की आज के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था. जीवन में आयु या स्वास्थ्य की अगर समस्या हो तो इस दिन के प्रयोगों से दूर हो जाती है. इस दिन स्नान करना क्यों है शुभ? इस दिन प्रातःकाल या सायंकाल चन्द्रमा की रौशनी में जल से स्नान करना चाहिए इस दिन विशेष चीज़ का उबटन लगाकर स्नान करना चाहिए - जल गर्म न हो, ताजा या शीतल जल होना चाहिए ऐसा करने से न केवल अद्भुत सौन्दर्य और रूप की प्राप्ति होती है, बल्कि स्वास्थ्य की तमाम समस्याएं भी दूर होती हैं इस दिन स्नान करने के बाद दीपदान भी अवश्य करना चाहिए उबटन लगाकर स्नान करने से लाभ

70 सालों में पहली बार हुआ ऐसा, पाकिस्‍तान ने भारत के साथ डाक मेल सेवा पर रोक लगाई


2019-10-21

भारत के विभाजन के बाद तीन युद्ध, पाकिस्‍तान के साथ लगातार बने हुए तनाव और मध्य पूर्व से जुड़े सर्किट मार्ग के बावजूद दोनों देशों के बीच एक सेवा कभी बंद नहीं हुई। हालांकि, जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच डाक मेल सेवा को रोक दिया है। भारत ने इसे दुर्भाग्‍यपूर्ण कदम बताया है। 28 अगस्‍त के बाद पा‍क के लिए डाक सेवा बंद डेढ़ महीने से ज्यादा समय हो गया है, जब पाकिस्तान ने पिछले 27 अगस्त को भारतीय डाक अधिकारियों से अपने देश के लिए डाक मेल की एक खेप को स्वीकार किया था, उसके बाद से यह सेवा बंद है। डाक सेवाओं के निदेशक (मेल एंड बिजनेस डेवलपमेंट) आरवी चौधरी ने कहा कि यह एकतरफा फैसला उनकी तरफ से था। इस तरह का फैसला पहली बार किया गया है। हमें यकीन नहीं है कि आदेश कब उठाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय खेपों से निपटने के लिए देश भर के 28 विदेशी डाकघरों (एफपीओ) में से केवल दिल्ली और मुंबई एफपीओ को ही पाकिस्तान को डाक मेल भेजने और आने वाले के लिए नामित किया गया है। सेंट्रल दिल्ली के कोटला मार्ग पर एफपीओ को जम्मू-कश्मीर के अलावा छह राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आने वाली खेप के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है , जबकि मुंबई में एफपीओ को बाकी देश के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। दिल्ली एफपीओ के अधीक्षक सतीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान के अधिकांश डाक इस कार्यालय द्वारा भेजे जाते हैं और उनमें से अधिकांश पंजाब और जम्मू और कश्मीर से होते हैं। यह ज्यादातर अकादमिक और साहित्यिक सामग्री होती है। कुमार ने कहा कि उनके पास वर्ष भर की पाकिस्‍तान जाने वाली और आने वाली डाक मेल का डिटेल नहीं है।

Tirupati Eye

  • छठ पर पहला अर्घ्य आज, जानें- डूबते सूर्य की उपासना का क्या है पौराणिक महत्व छठ पर्व पर पहला अर्घ्य षष्ठी तिथि को दिया जाता है. यह अर्घ्य अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाता है. इस समय जल में दूध डालकर


  • धनतेरस से बंटता है इस मंद‍िर में खजाना त‍िजोरी में रखते हैं लोग देश में एक मंद‍िर ऐसा भी है जहां साल के चार द‍िन खजाना बंटता है धनतेरस से यह खजाना बंटना शुरू होता है और दीपावली के अगले द‍िन अन्


  • धनतेरस पर खरीदना चाहते हैं गोल्ड, पहले इन 4 बातों को दिमाग में बैठा लें दिवाली से पहले धनतेरस के त्यौहार में कुछ नया खरीदने की परंपरा रही है। इसमें धातु खरीदने का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता


  • Ghaziabad Development Authority names 37 officials in Rs 3 crore land scam GHAZIABAD: The Ghaziabad Development Authority (GDA) on Thursday concluded its investigation in the Swarn Jayanti Puran land allotment scam and sent a chargesheet to the state government naming 37 of its officials, both serving and retired. GDA vice-chairperson Kanchan Verma said, “We have dispatched the chargesheet naming the 37 officials, who were found to be involved in the alleged irregularities committed in restor


  • Wife of slain businessman takes to Twitter, seeks faster probe GHAZIABAD: The family of a businessman who was shot dead outside his house a few days ago has taken to social media, calling for a faster probe by police. Anubha, the wife of Amit Seth, has started a campaign “#justiceforamitseth” and posted tweets tagging the Prime Minister and chief minister. Amit, a nephew of Shiv Sena functionary Mahesh Ahuja, was shot dead by three miscreants in daylight on September 25 in Kavi Nagar. On th

संता Vs पल्स पोलिओ टीम

पल्स पोलिओ टीम घर आयी…
संता (बीबी से):  बंदूक और कारतुस कह