• For Ad Booking:
  • +91 9818373200, 9810522380
  •  
  • Email Us:
  • news@tbcgzb.com
  •  
  • Download e-paper
  •  
  •  

हाउस टैक्स की बढ़ोतरी वापस लेने की मांग


गाजियाबाद। हाउस टैक्स में 25 प्रतिशत की वृद्धि और पार्षदों को 10 हजार रुपये महीना भत्ता देने के प्रस्ताव पर भारतीय कृषक समाज ने मंगलवार को नगर निगम और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यहां आए लोगों ने रोष जताते हुए दोनों प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की। इस संदर्भ में नगर आयुक्त को एक ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन की एक कॉपी डीएम को भी दी गई है। प्रस्ताव वापस न लेने पर बड़े आंदोलन की धमकी दी गई है। नगर निगम में ठेकेदारों से बढ़ती कमीशनखोरी पर भी लगाम लगाने और जांच कराने की मांग की गई है। 
प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय कृषक समाज के जिलाध्यक्ष मनोज चैधरी ने किया। उन्होंने कहा कि इस महंगाई में स्कूलों ने पहले ही फीस में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर लोगों पर बोझ डाल दिया है। ऐसे में हाउस टैक्स में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई तो लोगों पर बहुत अधिक बोझ पड़ जाएगा। उनका आरोप है कि नगर निगम एक्ट में किसी पार्षद को दस हजार रुपये महीना या अन्य किसी भत्ते के भुगतान का प्रावधान नहीं है। यह प्रस्ताव असंवैधानिक है। इस तरह का प्रस्ताव स्वीकार ही नहीं किया जाना चाहिए। नगर निगम को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए उन्होंने निगम की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। 

बढे टैक्स से कारोबार करना मुश्किल


गाजियाबाद । कमर्षल टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में 50 करोड़ रुपये तक की टर्न ओवर वाले कारोबारियों पर 4 प्रतिषत टैक्स के स्थान पर 10 प्रतिषत टैक्स भरने की अनिवार्यता का नोटिफिकेषन जारी कर दिया है। ऐसे में कारोबारी और टैक्स एडवोकेट इसके विरोध में आ गए हैं। उनका कहना है  कि अगर टैक्स बढ़ाया तो कारोबार करना मुष्किल हो जाएगा। कमर्षल टैक्स डिपार्टमेंट में 50 करोड़ रुपये सालाना के टर्न ओवर करने वाले कारोबारियों को अभी तक 4 प्रतिषत टैक्स 4 किस्तों में देना होता था, लेकिन अब डिपार्टमेंट ने नोटिफिकेषन जारी करते हुए इसे बढ़ाकर 4 प्रतिषत से 10 प्रतिषत कर दिया है। लोहा व्यापार मंडल के अध्यक्ष षिवषंकर राठी ने बताया कि सिटी में 50 करोड़ रुपये सालाना की टर्न ओवर वाले कारोबारी बड़ी संख्या में हैं। कारोबारियों पर 4 प्रतिषत के स्थान पर 10 प्रतिषत टैक्स बढ़ना अच्छा नहीं है। इससे कारोबार करना मुष्किल हो जाएगा। ऐसे में हम इसका विरोध करेंगे। इसके बाद भी अगर अगर डिपार्टमेंट ने आदेष को वापस नहीं लिया तो कारोबारी सड़क पर उतरेंगे। वहीं टैक्स एडवोकेट अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि यूपी में अन्य प्रदेषों की अपेक्षा ज्यादा टैक्स है। इसके बावजूद सरकार टैक्स बढ़ा रही है। ऐसे में कारोबारियों के लिए मुष्किल हो जाएगी। सरकार और डिपार्टमेंट का यह फैसला गलत हैं। इसका विरोध किया जाएगा। वकील भी विरोध में कारोबारियों का साथ देंगे। 

350 से अधिक कालोनिया आएगी टैक्स के दायरे में


गाजियाबाद। सिटी के आसपास बसाई गई अवैध कालोनियां अब टैक्स दिए बिना नहीं बच पाएंगी। इन कालोनियों पर टैक्स लगाने के लिए नगर निगम द्वारा प्रारूप तैयार करा लिया गया है। अवैध कालोनियों में रहने वाले लोगों से अन्य कालोनियों की तरह ही टैक्स वसूला जाएगा। इन कालोनियों में रहने वाले लोगों से अभी तक टैक्स की वसूली नहीं की गई है। निगम अफसरों की मानें तो इन कालोनियों में रहने वाले लोगों से भवन, सीवर व पेयजल टैक्स का करोड़ों रुपया मिल सकता है। निगम कार्यकारिणी व बोर्ड बैठक में अवैध कालोनियों पर टैक्स लगाने संबंधी प्रस्ताव भी पास हो चुका है। इसलिए निगम बिना देरी किए अब अवैध कालोनियों में टैक्स लगाने के लिए पूरी योजना बनाने में जुट गया है।
सभी पांचों जोन सिटी, कविनगर, विजयनगर, मोहननगर व वसुंधरा में निगम द्वारा अवैध कालोनियां चिन्हित कराई जा रही हैं। निगम सीमा अंतर्गत गौर करें तो 350 से अधिक अवैध कालोनियां बस चुकी हैं। जीडीए द्वारा पिछले कई साल से इन अवैध कालोनियों व अवैध निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई भी की जा रही है लेकिन स्थिति यह हो गई है कि जीडीए सीमा क्षेत्र में 450 से अधिक अवैध कालोनियां बस चुकी हैं। इन्हें तोड़ पाना जीडीए के बूते से बाहर दिख रहा है। निगम ने अब अपनी सीमा में आने वाली अवैध कालोनियों से टैक्स की वसूली करने के लिए इन्हें चिन्हित कराने का कार्य षुरू कर दिया हैं। इनमें कितनी कालोनियों पर टैक्स लगाया जाएगा, यह स्थिति सर्वे कराने के बाद ही स्पश्ट हो पाएगी। इन कालोनियों में मकानों का सर्वे भी होगा। 
मकानों को चिन्हित कर ही टैक्स लगाया जाना संभव होगा। अवैध कालोनियों में टैक्स लगाने के लिए निगम की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। बावजूद इसके निगम द्वारा इन कालोनियों में सड़क निर्माण से लेकर पेय